सैंथिया में आज देर रात हुए रेल हादसे ने एक बार फिर रेल सफर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल में पिछले दो महीने में हुआ यह दूसरा बड़ा रेल हादसा है। रेल मंत्री को तो इस हादसे में सजिश तक की बू आ रही है। लेकिन हमारे देश में रेल सफर कभी सुरक्षित नहीं रहा है। आइये नजर डालते हैं पिछले एक दशक में हुए देश के बड़े रेल हादसों पर
22 जून 2001: केरल के कोझिकोड के पास मंगलोर चेन्नई मेल कदालुंदी नदी में गिरी। इस हादसे में 40 लोग मारे गये।
5 जनवरी 2002: महाराष्ट्र में घातनादुर स्टेशन पर खड़ी एक मालगाड़ी को सिकंदराबाद मनमाड एक्सप्रेस ने टक्कर मारी जिससे 21 लोग मारे गये और 41 घायल हो गये।
23 मार्च 2002: मध्य प्रदेश में नरसिंहपुर के पास पटना से मुंबई जा रही लोकमान्य तिलक सुपरफास्ट एक्सप्रेस की 13 बोगियां पटरी से उतरी. इस हादसे में सात घायल हुए.
12 मई 2002: उत्तर प्रदेश में जौनपुर में नयी दिल्ली पटना श्रमजीवी एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 12 यात्री मारे गये।
4 जून 2002: कासगंज एक्सप्रेस ने रेल क्रासिंग पर एक बस के टक्कर मारी, 34 लोग मारे गये।
9 सितंबर 2002: बिहार के औरंगाबाद जिले में हावड़ा दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की एक बोगी धावे नदी में गिरी जिससे 100 यात्री मारे गये और 150 घायल हुए।
10 सितंबर 2002: बिहार में कोलकाता नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस एक पुल के उपर पटरी से उतरी जिससे 120 लोग मारे गये.
22 जून 2003: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में वैभववाड़ी स्टेशन को पार करने के बाद कारवार मुंबई सेंट्रल हालीडे स्पेशल ट्रेन पटरी से उतरी, 53 लोग मारे गये और 25 घायल।
2 जुलाई 2003: आंध्र प्रदेश के वारंगल में एक ट्रेन का इंजन और उससे लगी दो बोगियां पुल से गिरी। हादसे में 18 लोग मरे।
3 दिसंबर 2003: पंजाब के सराय बंजारा और साधुगढ़ के बीच पटरी से उतरी मालगाड़ी को हावड़ा अमृतसर मेल ने टक्कर मारी इस भीषण दुर्घटना में 46 मारे गये और 130 से अधिक घायल हुए।
27 फरवरी 2004: पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर में मानवरहित लेवल क्रासिंग पर गुवाहाटी जानेवाली कंचनजंगा एक्सप्रेस ने ट्रक को टक्कर मारी जिससे 30 लोग मारे गये।
15 दिसंबर 2004: पंजाब के जालंधर से करीब 40 किलोमीटर दूर अहमदाबाद जाने वाली जम्मू तवी एक्सप्रेस एक लोकल ट्रेन से सामने से टकरा गई। इस हादसे में 11 महिलाओं सहित 34 लोग मारे गये और 50 घायल हुए।
9 नवंबर, 2006: पश्चिम बंगाल रेल दुर्घटना में 40 लोगों की मौत, 15 घायल।
1 दिसंबर, 2006: बिहार के भागलपुर जिले में 150 साल पुराने पुल को तोड़ते समय एक हिस्सा ट्रेन पर गिरने से 35 लोगों की मौत हो गयी जबकि 17 घायल हो गये।
14 नवंबर, 2009: दिल्ली जा रही मंडोर एक्सप्रेस जयपुर के निकट बस्सी में पटरी से उतर गयी जिसका कुछ हिस्सा एसी बोगी में जा घुसा। दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गयी जबकि 60 से अधिक घायल हो गये।
21 अक्तूबर 2009: उत्तर प्रदेश में उत्तर रेलवे के मथुरा वृंदावन सेक्शन पर वंजारा में गोवा एक्सप्रेस ने मेवाड़ एक्सप्रेस को टक्कर मार दी जिससे 22 लोगों की मौत हो गयी जबकि 26 अन्य घायल हो गये।
2 जनवरी 2010: घने कोहरे के कारण उत्तर प्रदेश में तीन ट्रेन दुर्घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो गयी।
16 जनवरी2010: उत्तर प्रदेश में घने कोहरे के कारण कालिंदी एक्सप्रेस और श्रमशक्ति एक्सप्रेस की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गयी जबकि लगभग 12 अन्य घायल हो गये।
28 मई, 2010: पटरी से उतरी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस को मालगाड़ी ने टक्कर मारी। इस हादसे में कम से कम 148 लोगों की मृत्यु हो गयी। इस हादसे को नक्सलियों का हमला माना गया था।
No comments:
Post a Comment